मध्य प्रदेश

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव की 40 साल की परिकल्‍पना अब उज्जैन को महानगर बना रही है



*धार्मिक नगरी में आधारभूत निर्माण का 20 हजार करोड़ से नई अवन्तिका श्रृंगारित हो रही है*

*सड़क-ब्रिज का जाल, दो एलिवेटेड कॉरिडोर, मेडिसिटी, आइटी पार्क और एयरपोर्ट की  सुविधाएं उज्‍जैन में उपलब्‍ध हो रही है*



उज्‍जैन, 24 मार्च। अवन्तिका नगरी ने ऐतिहासिक, धार्मिक, पौराणिक नगरी जैसी गौरवमयी पहचान हजारों सालों से बनी हुई है। श्री कृष्‍ण- बलराम की शिक्षा स्‍थली रही यह पावन नगरी सिंहस्‍थ जैसे पवित्र आयोजन को हजारों सालों से आयोजित कर रही है। असाधारण विशेषताओं को देश-दुनिया के सामने इतनी ताकत से रखा कि अब हर कोई इसे देखने, जानने और जीने के लिए यहां आ रहा है।

आधुनिक उज्‍जैन देश के प्रमुख शहरों में सम्मिलित हो रहा है। उज्जैन किसी मेट्रोसिटी की तरह तैयार हो रहा है। देश के चुनिंदा मेट्रो सिटीज में फ्लायओवर, चौड़ी सड़कें, एलिवेटेड कॉरिडोर, एयरपोर्ट और इज ऑफ लिविंग के जिन पैमानों को देख एक आम आदमी इन्हें बड़ा शहर कहता है। हाल के वर्षों में शहर में ऐसे आधारभूत निर्माण की नींव रखी गई। जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक कोई नहीं कर सकता था। आज 20 हजार करोड़ रुपए के इंफ्रा डेवलपमेंट से उज्जैन की नई तस्वीर तैयार हो रही है।

उज्‍जैन वासियों के सपने जो अब साकार हो रहे

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्‍व में नए आधुनिक विकास के साथ कुछ काम ऐसे भी हो रहे हैं, जिनकी शहर वर्षों से मांग कर रहा था। मेडिकल कॉलेज, मास्टर प्लान अनुसार सड़कें, एयरपोर्ट आदि इन्हीं सपनों में से एक हैं। विकास के नए दृष्टिकोण के साथ उज्जैन विकसित हो रहा है। देखे गए सपनों को शामिल करने के साथ ही भविष्य की जरूरतों को अभी से जगह दी गई है।

सक्षम नेतृत्‍व और अन्‍तर्राष्‍ट्रीय स्‍तर का विकास मेडिकल कॉलेज और आयुर्वेद एम्‍स मालवा में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं का नया केन्‍द्र बनेगा

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विगत 20 वर्षों से उज्‍जैन में मेडिकल कॉलेज लाने के लिए प्रयासरत रहे है। आगर रोड पर प्रदेश की पहली शासकीय मेडिसिटी बन रहा है। इसमें मेडिकल कॉलेज के साथ चिकित्सकों के रहने की व्यवस्था व अन्य सुविधाएं होंगी। इससे उज्जैन अन्य जिले व प्रदेशों के लिए बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाला शहर बनेगा। प्रोजेक्ट में 14 मंजिल ऊंची इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें अन्‍तर्राष्‍ट्रीय स्‍तर की मेडिकल सुविधा के लिए टेली मेडिसिन की व्‍यवस्‍था भी होंगी। जिसकी लागत 5 सौ 97 करोड़ है।

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने उज्‍जैन के सच्‍चे सपूत होने का फर्ज निभाते हुए हर सुविधा को उज्‍जैन में उपलब्‍ध कराने का बीड़ा उठाया है। उज्‍जैन स्‍टेशन से महाकाल मंदिर तक रोप वे की सुविधा के लिए काम शुरु हो चुका है।

दो फ्लाय ओवर से मुंबई सा नजारा दिखेगा

उज्‍जैन शहर में बड़े-बड़े फ्लाय ओवर मेट्रो शहर को भव्‍य रूप प्रदान करेंगे। कुछ साल पहले तक शहर ने कभी एलिवेटेड फ्लायओवर की कल्पना भी नहीं की थी लेकिन अब एक साथ दो ऐसे फ्लाय ओवर बनेंगे। एक एलिवेटेड फ्लाय ओवर चिमनगंज मंडी चौराहा से इंदौर गेट होते हुए हरिफाटक ब्रिज तक बनेगा। यह 3.53 किमी लंबा और फोरलेन ब्रिज होगा। दूसरा फ्लाय ओवर इंदौर गेट से निकास चौराहा तक बनेगा। इस टू लेन ब्रिज की लंबाई 1.732 किमी होगी। हाल ही में इनके लिए टेंडर जारी किए हैं। निर्माण होने पर पुराने शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। मंत्री मंडल ने इसके लिए 945.2 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

यहां रोप-वे सुविधा मिलेगी, रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक 1.77 किलोमीटर लंबे रोप-वे का निर्माण किया जा रहा है। कार्य प्रचलित है और इसे सिंहस्थ से पूर्व पूरा करने की योजना है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को ट्रैफिक में फंसे बिना रेलवे स्टेशन से सीधे महाकाल मंदिर के नजदीक पहुंचने सुविधा मिलेगी। ऊंचाई से शहर और महाकाल क्षेत्र को निहारने का अनुभव भी मिलेगा।

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने जैसा देखा और महसूस किया उन सारी समस्‍याओं का समाधान भी कर रहे है।

सिंहस्‍थ 2028 के लिए शहरी सीमा व सटे क्षेत्रों में सड़कों का वृहद जाल तैयार हो रहा है। करीब 720 करोड़ रुपए से सड़कों के चौड़ीकरण की योजनाएं मंजूर हो चुकी है। इनमें से कई का चौड़ीकरण प्रचलित है। चौड़ीकरण के अलावा 177 करोड़ रुपए से चार नई सड़कें बनाई जाएंगी।

       इनके अलावा  350 करोड़ रुपए से आधा दर्जन से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण और नवीन निर्माण प्रस्तावित है। उज्‍जैन- इन्‍दौर 6 लेन के साथ उज्‍जैन-इन्‍दौर ग्रीन कोरिडोर उज्‍जैन जावरा ग्रीन कोरिडोर भी एक बड़ी सौगात है।

सेतु बंध का शहर बनेगा

उज्जैन अब ब्रिजो की नगरी के रूप में भी जाना जाएगा। सिंहस्थ अंतर्गत शहरी सीमा और आसपास 19 नए ब्रिजों का निर्माण किया जाना है। इनमें से अधिकतर का काम भी शुरू हो चुका है। 19 ब्रिज में से 14 ब्रिज केवल शिप्रा पर बन रहे हैं, जो नदी के एक से दूसरे छोर तक पहुंचाने में मददगार होंगे। सिंहस्‍थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं को सुविधा होगी और उज्‍जैन की पहचान पुल नगरी के रूप में स्‍थापित हो जाएगी।

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव की युवा सोच ने जेन-जी के लिए भी रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए शहर आईटी सिटी के रुप में स्थापित कर रहे है। इंदौर रोड पर आइटी पार्क का चरणबद्ध निर्माण प्रचलित है। 46 करोड़ के पहले निर्माण का कार्य तेजी से जारी है। खास बात यह कि निर्माण पूरा होने से पहले ही यहां कंपनियों ने ऑफिस के लिए आवेदन दे रखे हैं। 46 करोड़ रुपए के ही दूसरे चरण का कार्य भी जल्द शुरू होने वाला है। आइटी पार्क निर्माण से शहर के होनहार युवाओं को शहर में ही आइटी जॉब मिल सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उज्जैन की पहचान बनेगी।

कॉमन वेल्थ गेम्स के लिए उज्जैन तैयार हो रहा है

लागत- 100 करोड़ रुपए

अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाएं आयोजित करने के लिए उज्जैन तैयार हो रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नानाखेड़ा स्टेडियम में 48.71करोड़ रुपए से हॉकी टर्फ व पैवेलियन निर्माण का भूमिपूजन किया है। इसके अलावा 21 एकड़ के इस स्टेडियम में पूर्व से 7.22 करोड़ रुपए का एथलेटिक सिंथेटिक्स ट्रेक, लॉन टेनिस सिन्थेटिक मैदान व ग्रास से निर्मित फुटबॉल मैदान, 11.43 करोड़ से निर्मित राजमाता सिंधिया बहुउद्देशीय खेल परिसर, जिसमें आधुनिक रूप से निर्मित शूटिंग रेंज, बेडमिंटन हॉल, मलखंभ, जिम्नेशियम हॉल, जिसमें 1.50 करोड के उपकरण सुविधा उपलब्ध हैं। इसके अलावा करीब 30 करोड़ रुपए की लागत के नजरअली मिल कम्पाउंड में डाइविंग और स्वीमिंग पूल सहित स्पोर्ट्स प्लाजा है।  8 करोड़ रुपए से तरणताल को अंतरराष्ट्रीय मानक पर तैयार किया गया है। भविष्य में भारत में होने वाले कॉमन वेल्थ गेम्स के कुछ आयोजनों की मेजबानी उज्जैन कर सकता है।

भविष्‍य की परिकल्‍पना में एक और आयाम स्‍थापित होगा

डॉ. मोहन यादव का पर्यावरण प्रेम किसी से छुपा नहीं है। डॉ. मोहन यादव के पशु-पक्षी प्रेमी होने से भी हमें शिक्षा मिलती है। उज्‍जैन में मक्सी रोड स्थित इको पार्क में अंबानी समूह का वनतारा 200 हेक्टेयर में देश का पहला स्मार्ट ज़ू एंड सफारी पार्क विकसित करेगा। यह सीएम डॉ. मोहन यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। पार्क में डे-नाइट सफारी, इनविजिबल बैरियर, सौर ऊर्जा और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। महाकाल थीम जोन के साथ धार्मिक और पर्यावरणीय समन्वय भी दिखेगा। इस परियोजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

इसके साथ ही डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन की और देख गीत नगरी के रूप में स्थापित करने के लिए हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव उज्जैन को दिलवाएं। उज्जैन आज एक बड़े औद्योगिक नगर के रूप में स्थापित हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पर्यावरण के प्रति उनकी सुचेता इस बात से दिखती है कि शिप्रा नदी को स्वच्छ बनाए रखने के लिए 900 करोड़ से अधिक राशि की कान नदी डायवर्सन परियोजना लेकर आए उनकी कल्पना शक्ति के अनुसार एक पूरी नदी को अंडरग्राउंड टनल के माध्यम से डायवर्ट किया जा रहा है और शिप्रा को निरंतर प्रवाह मान बनने के लिए सिलारखेड़ी – सेवर खेड़ी परियोजना भी अपने आप में अद्भुत है जिससे उज्जैन में सिंहस्थ 2028 में सभी श्रद्धालु मां शिप्रा के जल से ही पवित्र स्थान करेंगे। यह संभवत 50 वर्षों में पहली बार हो रहा है कि शिप्रा के नदी के जल से श्रद्धालुओं को स्नान का सौभाग्य प्राप्त होगा। डॉ. मोहन यादव की सोच ने जहां उज्जैन को नए विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ाने के लिए तैयार कर लिया है और अवंतिका के वैभव को सम्राट विक्रमादित्य की नगरी के रूप में  स्थापित करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से डॉ. यादव लगातार वह सभी संभव प्रयास कर रहे हैं जिससे अवंतिका का वैभव पुनः स्थापित हो और सनातन धर्म की पताका पूरे विश्व में फिर आए। 2028 का सिंहस्थ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना के अनुसार ही होगा। जब सनातन की ध्वज पताका पूरे विश्व में फहरायेगी।

(लेखक और विचारक श्री संजय अग्रवाल, श्री ओम जैन)

Vijay Vishwakarma

Vijay Vishwakarma is a respected journalist based in Bhopal, who reports for Goodluck Media News. He is known for his exceptional reporting skills and extensive knowledge of the region. With a keen eye for detail and a passion for uncovering the truth, he has earned a reputation as a reliable and trustworthy source of news.

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