अभाविप प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री से की भेंट, 58वें प्रांत अधिवेशन के प्रस्ताव सौंपे

भोपाल: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) मध्यभारत प्रांत के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रांत मंत्री श्री केतन चतुर्वेदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री माननीय श्री इंदर सिंह परमार से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अभाविप के 58वें प्रांत अधिवेशन में पारित प्रस्तावों की प्रति सौंपते हुए प्रमुख मांगों को सरकार के समक्ष रखा।
गौरतलब है कि अभाविप मध्यभारत प्रांत का 58वां अधिवेशन 14 से 16 दिसंबर 2025 को डबरा में संपन्न हुआ था। इस अधिवेशन में प्रदेशभर से आए प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए थे ..
‘राज्य विश्वविद्यालय का उन्नयन – समय की मांग’
इस प्रस्ताव में मध्य प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय और भोज मुक्त विश्वविद्यालय के परिसरों को परस्पर स्थानांतरित करने, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को तीन भागों में विभाजित करने, रिक्त पदों पर भर्ती सुनिश्चित करने और स्टार्टअप एवं इनोवेशन सेल को सुदृढ़ करने जैसे सुझाव शामिल हैं।
‘राज्य विश्वविद्यालयों को एक संरचना में लाने की आवश्यकता’:
इस दूसरे प्रस्ताव के माध्यम से मांग की गई है कि विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों को ‘उच्च शिक्षा विभाग’ के एकल प्रबंधन के अंतर्गत लाया जाए।
प्रस्ताव सौंपने के साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, निजी विश्वविद्यालयों की मनमानी पर रोक, AFRC की कार्यप्रणाली में सुधार और लंबित छात्रवृत्ति जैसे गंभीर शैक्षणिक मुद्दों पर भी मंत्री महोदय के साथ सार्थक चर्चा की।




