एन. ई. पी. 2020 के संदर्भ में बायोइन्फॉर्मेटिक्स की संभावनाओं” पर अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग का आयोजन बायोटेक्नोलॉजी विभाग, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय मे

“एन. ई. पी. 2020 के संदर्भ में बायोइन्फॉर्मेटिक्स की संभावनाओं” पर अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग का आयोजन बायोटेक्नोलॉजी विभाग, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा 22 सितम्बर से 06 अक्टूबर 2026 तक किया गया जिसमें संत हिरदाराम कन्या महाविद्यालय, संत हिरदाराम नगर भोपाल के 22 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला में डॉ. किशोर के. शेन्डे, डॉ. आर. के. गर्ग, डॉ. अनिता तिलवारी, डॉ. रेखा खंडिया, बरकतउल्ला विश्वशविद्यालय,भोपाल, डॉ अबिन मानी, पीपुल्स विश्वखविद्यालय, भोपाल, डॉ. खुशाली मनेरिया, मैनिट, भोपाल, डॉ. दिव्या, बैंगलोर, डॉ अश्विनी मिश्रा, इंदौर, डॉ. नेहा आर्या, एम्स,, भोपाल एवं डॉ. अनिकेत गादे, यूडीसीटी, मुंबई ने उक्त कार्यशाला में संबंधित विभिन्न शीर्षकों पर व्याख्यान दिया एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया । 06 अक्टूबर 2026 को कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो. अखिलेश पाण्डे (भूतपूर्व कुलगुरु,विक्रम विश्वाविद्यालय, उज्जैन) ने BioE3 पॉलीसी की और छात्रों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने वायु प्रदूषण को निम्नस्तर पर लाने हेतु बायोइनफोरमेटिक्सक विषय के सहयोग से सुलभ प्रक्रिया एवं उपायों को संशोधित किये जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रो. एस. बी. सिंह, कुलसचिव, बरकतउल्ला विश्व विद्यालय द्वारा उनके विषय अर्थशास्त्र को जैव सूचना तंत्र से जोडकर जैविय अर्थशास्त्र से प्रगति की आवश्यकता को सुझाया जिससे राष्ट्रीय आर्थिक उन्नति अग्रसर हो सकती है। प्रो. नीरज गौर. संचालक, बीयूआईटी ने इस अवसर पर कहा की बायोइनफोरमेटिक्स एक बहुविषयी विषय है। अत: एक बहुविषयी संशोधन, शिक्षा एवं प्रशिक्षण से छात्र अपने ज्ञान को अद्यतन कर सकते है। प्रशिक्षाणार्थी छात्रों ने प्रशिक्षण प्राप्त बायोइनफोरमेटिक्स ज्ञान का परीक्षण ऑनलाईन वैकल्पिक प्रश्न के माध्य्म से किया गया। इसके उपरान्त उपस्थित अतिथियों एवं प्रो. रागिनी गोथलवाल, विभागाध्याक्ष बायोटेक्नालॉजी विभाग ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये एवं उनके उज्जवल भविष्य के लिए प्रतिभागियों को अधिक से अधिक कार्यशाला में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
उक्त कार्यक्रम में विश्वविद्यालय जीव विज्ञान संकाय के शिक्षक, अतिथि शिक्षक एवं शोध छात्र उपस्थित रहे।




