
भोपाल अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत भोपाल महानगर द्वारा शिक्षा व्यवस्था संबंधी ज्ञापन प्रस्तुत, 26 फरवरी 2026।
ग्राहक पंचायत भोपाल महानगर द्वारा आज शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दो महत्वपूर्ण विषयों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी एवं भोपाल कलेक्टर को पृथक-पृथक ज्ञापन सौंपे गए। संगठन ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा अभिभावकों के उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा हेतु यह पहल आवश्यक है।
पहला ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया, जिसमें प्रत्येक विद्यालय में स्कूल प्रबंधन समिति एवं पालक समिति की सूची को अनिवार्य रूप से सार्वजनिक प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शित करने की मांग की गई। ग्राहक पंचायत का कहना है कि इन समितियों का गठन अभिभावकों एवं समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जाता है, किंतु कई विद्यालयों में इनकी सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं की जाती, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही प्रभावित होती है। संगठन ने आग्रह किया कि यदि यह सूची विद्यालय परिसर के प्रमुख दो स्थानो पर प्रदर्शित की जाए, तो अभिभावक और विद्यार्थी शिक्षा व्यवस्था में अपनी भूमिका को बेहतर रूप से समझ सकेंगे।
दूसरा ज्ञापन भोपाल कलेक्टर को सौंपा गया, जिसमें यह गंभीर विषय उठाया गया कि नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने पर विद्यालयों द्वारा पुस्तकों का विक्रय एमआरपी पर किया जाता है, किंतु अभिभावकों को विधिवत जीएसटी बिल प्रदान नहीं किया जाता। ग्राहक पंचायत ने इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि बिना बिल के किया गया लेन-देन न केवल कर नियमों का उल्लंघन है, बल्कि अभिभावकों को उनके वैधानिक अधिकारों से भी वंचित करता है।
कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को आवश्यक निर्देश जारी करने के आदेश दिए। यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा अभिभावकों के हितों की रक्षा की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
ग्राहक पंचायत भोपाल महानगर ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए उनका प्रयास निरंतर जारी रहेगा। संगठन ने कहा कि विद्यालयों को केवल शिक्षा की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक एवं वित्तीय पारदर्शिता भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
इस अवसर पर पंचायत के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तभी संभव है जब अभिभावकों को सभी आवश्यक जानकारियाँ समय पर एवं स्पष्ट रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने यह भी कहा कि पुस्तकों की बिक्री में जीएसटी बिल न देना अभिभावकों के साथ अन्याय है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ग्राहक पंचायत ने प्रशासन से इस प्रकार की अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
आज प्रस्तुत ज्ञापन में ग्राहक पंचायत के महानगर अध्यक्ष एवं विधि आयाम प्रमुख ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन पूर्णतः प्रतिबद्ध है।




